रुद्रपुर से राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाने का मंच बनेगा रुद्रा शतरंज टूर्नामेंट – सुमित बंगा

रुद्रपुर से राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाने का मंच बनेगा रुद्रा शतरंज टूर्नामेंट – सुमित बंगा

25 अक्टूबर को जेसीज़ पब्लिक स्कूल में होगा आठवां रुद्रा ओपन इंटर स्कूल रैपिड चेस टूर्नामेंट, राघव शतरंज अकादमी कर रही है आयोजन

फ्यूचर टीवी

रुद्रपुर। रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में शतरंज की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से राघव शतरंज अकादमी रुद्रपुर द्वारा आठवें रुद्रा ओपन इंटर स्कूल रैपिड चेस टूर्नामेंट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 25 अक्टूबर 2026 को जेसीज़ पब्लिक स्कूल, रुद्रपुर में आयोजित होगी। प्रतियोगिता को लेकर शतरंज से जुड़े खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह है। अकादमी का उद्देश्य बच्चों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें, अपनी खेल क्षमता को पहचान सकें और भविष्य में बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित हों। अकादमी के प्रबंधक सुमित बंगा का कहना है कि छोटे शहरों में भी प्रतिभाशाली बच्चों की कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें समय-समय पर अपनी योग्यता प्रदर्शित करने का अवसर मिले और वे अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ने का विश्वास विकसित कर सकें।

**आठवीं बार आयोजित हो रहा रुद्रा ओपन इंटर स्कूल रैपिड चेस टूर्नामेंट**

राघव शतरंज अकादमी के प्रबंधक सुमित बंगा ने बताया कि अकादमी इससे पहले सात बार रुद्रा शतरंज टूर्नामेंट का आयोजन कर चुकी है और अब आठवीं बार इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। लगातार प्रतियोगिताओं के आयोजन के पीछे मुख्य उद्देश्य बच्चों को शतरंज के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना, उनकी प्रतिभा को सामने लाना और उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल में खिलाड़ी को निखरने के लिए नियमित अभ्यास के साथ-साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेना भी जरूरी होता है। प्रतियोगिताओं से बच्चों को अपनी ताकत और कमजोरियों का पता चलता है तथा वे दूसरे खिलाड़ियों से सीखकर अपने खेल में सुधार कर सकते हैं। रुद्रा शतरंज टूर्नामेंट इसी सोच के साथ आयोजित किया जा रहा है, ताकि रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण मिले और वे शतरंज के प्रति अपनी रुचि को आगे बढ़ा सकें।

**बच्चों में आत्मविश्वास जगाना है सबसे बड़ा उद्देश्य**

सुमित बंगा ने कहा कि बच्चों को केवल प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा करना भी बेहद जरूरी है। कई बार बच्चे प्रतिभाशाली होने के बावजूद बड़े मंच पर खेलने से हिचकिचाते हैं या उन्हें अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा नहीं होता। ऐसी स्थिति में स्थानीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताएं उनके लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब बच्चे दूसरे खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करते हैं, अपनी रणनीति बनाते हैं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। शतरंज एक ऐसा खेल है, जो बच्चों को धैर्य, एकाग्रता, अनुशासन और सोच-समझकर निर्णय लेने की प्रेरणा देता है। प्रत्येक चाल के साथ खिलाड़ी को आगे की परिस्थितियों का अनुमान लगाना पड़ता है और अपने प्रतिद्वंद्वी की रणनीति को समझना होता है। इस प्रकार शतरंज बच्चों के मानसिक विकास और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने में भी सहायक हो सकता है। अकादमी का प्रयास है कि बच्चे इस खेल के माध्यम से अपने व्यक्तित्व का विकास करें और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करना सीखें।

**रुद्रपुर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करें बच्चे**

सुमित बंगा ने कहा कि उनका सपना है कि रुद्रपुर और उत्तराखंड के बच्चे शतरंज के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में पहले भाग ले चुके बच्चे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंच चुके हैं। यह अकादमी के लिए उत्साहजनक बात है और इस दिशा में लगातार प्रयास करते रहने की प्रेरणा भी देती है। उन्होंने कहा कि छोटे शहर से निकलने का अर्थ यह नहीं है कि किसी बच्चे के सपने भी छोटे हों। प्रतिभा, मेहनत, लगन और सही अवसर के माध्यम से बच्चे बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उचित मंच मिले और वे लगातार अभ्यास करते रहें। राघव शतरंज अकादमी इसी उद्देश्य के साथ बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि वे भविष्य में प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में अपने खेल के माध्यम से पहचान बना सकें। सुमित बंगा का मानना है कि जब बच्चों को शुरुआती स्तर से ही प्रोत्साहन मिलता है, तो वे बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने के लिए अधिक गंभीरता से प्रयास करते हैं।

**स्थानीय प्रतियोगिताएं बन सकती हैं बड़ी उपलब्धियों की शुरुआत**

खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए स्थानीय स्तर पर मिलने वाले अवसर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। किसी भी खिलाड़ी की यात्रा अक्सर छोटे मुकाबलों और शुरुआती प्रतियोगिताओं से शुरू होती है। इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर खिलाड़ी खेल के नियमों को बेहतर तरीके से समझते हैं, अपनी रणनीतियों को परखते हैं और अनुभव प्राप्त करते हैं। शतरंज में सफलता के लिए नियमित अभ्यास, एकाग्रता, धैर्य और लगातार सीखते रहने की आदत जरूरी होती है। रुद्रा ओपन इंटर स्कूल रैपिड चेस टूर्नामेंट बच्चों को इन्हीं गुणों को विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थी न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे, बल्कि उन्हें यह भी सीखने को मिलेगा कि जीत और हार खेल का हिस्सा हैं तथा प्रत्येक मुकाबला कुछ नया सीखने का अवसर देता है। सुमित बंगा के अनुसार, बच्चों को प्रतिस्पर्धा से डरने के बजाय उससे सीखना चाहिए। यदि वे अपनी गलतियों को पहचानकर निरंतर सुधार करते रहें, तो भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

**बच्चों के सपनों को सही दिशा देने का प्रयास**

सुमित बंगा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर कुछ अलग करने की क्षमता होती है। सही मार्गदर्शन, अभ्यास और अवसर मिलने पर वह अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से विकसित कर सकता है। उनका प्रयास है कि रुद्रपुर में शतरंज के प्रति बच्चों की रुचि बढ़े और अधिक से अधिक विद्यार्थी इस खेल से जुड़ें। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखते हुए उनकी रुचि और प्रतिभा के अनुसार खेलों में आगे बढ़ने के अवसर भी मिलने चाहिए। शतरंज जैसे खेल बच्चों को एकाग्रता, अनुशासन और रणनीतिक सोच विकसित करने में मदद करते हैं। प्रतियोगिताओं के माध्यम से उन्हें अपनी क्षमता का आकलन करने और आगे के लिए लक्ष्य निर्धारित करने का अवसर मिलता है। अकादमी का प्रयास है कि बच्चों को ऐसा वातावरण मिले, जहां वे बिना हिचकिचाहट अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें और बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने की दिशा में मेहनत भी करें।

**भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी तैयार करने की दिशा में पहल**

सुमित बंगा ने कहा कि राघव शतरंज अकादमी का उद्देश्य रुद्रपुर और उत्तराखंड के बच्चों को ऐसा मंच देना है, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखारते हुए भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को पहचान मिलती है, तो बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है और खेल के प्रति समाज में जागरूकता भी बढ़ती है। रुद्रा शतरंज टूर्नामेंट इसी दिशा में एक प्रयास है। अकादमी चाहती है कि बच्चे इस प्रतियोगिता से अनुभव प्राप्त करें, नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित हों और भविष्य में बड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए स्वयं को तैयार करें। उनका कहना है कि छोटे शहरों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना संभव है और इसके लिए बच्चों को मेहनत के साथ सही अवसरों की भी जरूरत होती है।

**25 अक्टूबर को जेसीज़ पब्लिक स्कूल में होगा आयोजन**

आठवां रुद्रा ओपन इंटर स्कूल रैपिड चेस टूर्नामेंट 2026 आगामी 25 अक्टूबर को जेसीज़ पब्लिक स्कूल, रुद्रपुर में आयोजित किया जाएगा। राघव शतरंज अकादमी रुद्रपुर द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने, अनुभव प्राप्त करने और शतरंज के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सात आयोजनों के बाद आठवें संस्करण का आयोजन अकादमी के निरंतर प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है। सुमित बंगा ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के आयोजन बच्चों को अपनी क्षमता पहचानने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य है कि रुद्रपुर से निकलने वाले प्रतिभाशाली बच्चे भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और अपने प्रदर्शन से उत्तराखंड तथा भारत का नाम रोशन करें।

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