रुद्रपुर में इंडियन गैस सिलेंडर की किल्लत से लोग परेशान, एजेंसी के चक्कर लगाने को मजबूर उपभोक्ता

रुद्रपुर में इंडियन गैस सिलेंडर की किल्लत से लोग परेशान, एजेंसी के चक्कर लगाने को मजबूर उपभोक्ता
रुद्रपुर। रुद्रपुर में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कई इलाकों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि समय पर गैस सिलेंडर न मिलने के कारण आम लोग परेशान होकर सीधे गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से यह कहा जा रहा है कि सिलेंडर की होम डिलीवरी घर-घर तक पहुंचाई जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। लोगों का कहना है कि कई दिनों तक इंतजार करने के बाद भी उनके घर तक गैस सिलेंडर नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
शहर में स्थित इंडियन गैस एजेंसी काशीपुर बायपास रोड की एलपीजी सेवा यानी इंडियन गैस एजेंसी पर भी इन दिनों काफी भीड़ देखने को मिल रही है। गैस लेने के लिए लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां भी उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। एजेंसी परिसर में केवल एक ही काउंटर खुला होने की वजह से भारी भीड़ जमा हो जाती है। भीड़ इतनी ज्यादा हो रही है कि कई बार लोगों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन जाती है। लोग घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, फिर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही कि आखिर सिलेंडर कब मिलेगा।
कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग के लिए ऑनलाइन व्यवस्था जरूर है, लेकिन सभी लोगों के लिए यह प्रक्रिया आसान नहीं है। कुछ लोगों को ऑनलाइन बुकिंग करने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कई बुजुर्ग और ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग करने में असहज महसूस करते हैं। ऐसे में वे मजबूर होकर गैस एजेंसी पहुंचते हैं ताकि सीधे काउंटर से बुकिंग करवा सकें। लेकिन वहां भी सिर्फ एक काउंटर खुला होने के कारण लंबी लाइन और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है।
हमने इंडियन गैस एजेंसी के प्रबंधक से बात करने की कोशिश की एवं उनकी राय जाने की कोशिश की लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था और काउंटर एक ही खुला हुआ था जिस काउंटर और दरवाजा को लोग घेर के खड़े थे हमने दरवाजा खटखटाया लेकिन किसी किसी ने दरवाजा खोला नहीं जिसके वजह से इंडियन गैस एजेंसी के प्रबंधक से बात नहीं हो पाया है एवं उनकी राय हमें पता नहीं चल पाया है हमने बहुत कोशिश किया लेकिन उनसे किसी भी तरह से बात नहीं हो पाया क्योंकि दरवाजा खोला ही नहीं खोल किसी ने दरवाजा अंदर से बंद करके रखा था।
जब उपभोक्ताओं से इस विषय में बात की गई तो उन्होंने बताया कि एजेंसी के बाहर एक बैनर लगा हुआ है, जिसमें लिखा है कि गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी घर-घर तक की जाएगी। लेकिन कई लोगों का आरोप है कि वास्तविकता में ऐसा नहीं हो पा रहा है। कई परिवार ऐसे हैं जिन्होंने गैस सिलेंडर पहले ही बुक कर दिया था, लेकिन कई दिनों तक इंतजार करने के बाद भी उनके घर सिलेंडर नहीं पहुंचा। मजबूरी में उन्हें खुद एजेंसी पहुंचना पड़ रहा है, लेकिन वहां से भी उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जा रहा और यह कहकर वापस भेज दिया जा रहा है कि गैस सिलेंडर होम डिलीवरी के माध्यम से ही आपके घर पहुंचेगा।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने गैस सिलेंडर बुक किया था और उनके मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज भी आ गया, जबकि वास्तव में उनके घर सिलेंडर पहुंचा ही नहीं। इतना ही नहीं, कई उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि उनके बैंक खाते में सब्सिडी की राशि भी आ गई, जिससे यह प्रतीत होता है कि सिस्टम में सिलेंडर की डिलीवरी दर्ज हो चुकी है। इससे उपभोक्ताओं में असमंजस और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं, क्योंकि जब सिलेंडर मिला ही नहीं तो डिलीवरी का मैसेज और सब्सिडी कैसे आ गई।
इस दौरान जब एजेंसी परिसर का निरीक्षण किया गया तो वहां एक वाहन खड़ा दिखाई दिया, जिसमें गैस सिलेंडर लोड किया हुआ था। और उस बड़े वाहन से गैस सिलेंडर लेकर डोर-टू-डोर डिलीवरी के लिए सिलेंडर लेकर अलग-अलग इलाकों में जा रहा है। हालांकि इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके घर तक सिलेंडर नहीं पहुंच रहा है, जिससे सवाल उठने लगे हैं कि आखिर वितरण व्यवस्था में कमी कहां रह गई है।
रुद्रपुर के लोगों का कहना है कि अगर गैस सिलेंडर की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को जल्द ही व्यवस्थित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। लोगों ने जिला प्रशासन और गैस कंपनी से मांग की है कि गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, एजेंसी में काउंटर की संख्या बढ़ाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन उपभोक्ताओं ने सिलेंडर बुक किया है, उन्हें समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। क्योंकि गैस सिलेंडर आज हर घर की जरूरत बन चुका है और इसकी कमी सीधे तौर पर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है।
देखा जाए तो जिला प्रशासन हर तरह से लोगों के घर में डोर टू डोर गैस सिलेंडर पहुंचाने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। फिर भी कहीं ना कहीं शायद चुक रही जा रहा है जिसकी वजह से लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है और लोग परेशान होकर गैस एजेंसी के चक्कर लगाने पर मजबूर हो रहे हैं।

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