पत्रकारों की एकजुटता और अधिकारों की आवाज बना ‘उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन’ का जिला सम्मेलन

पत्रकारों की एकजुटता और अधिकारों की आवाज बना ‘उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन’ का जिला सम्मेलन

पत्रकार उत्पीड़न, रेल यात्रा पास, कवरेज प्रतिबंध और संगठन विस्तार सहित अनेक मुद्दों पर हुई गंभीर चर्चा

रुद्रपुर। ‘उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन’ की ओर से रविवार को रुद्रपुर स्थित ‘रुद्रपुर सिटी क्लब’ में एक भव्य जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में जिले भर से संगठन के पदाधिकारी, पत्रकार एवं कार्यकारिणी सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में पत्रकारों की समस्याओं, उनके अधिकारों, पत्रकारों के उत्पीड़न, रेल यात्रा पास की सुविधा को पुनः शुरू कराने, समाचार कवरेज के दौरान लगाए जाने वाले प्रतिबंधों तथा संगठन को प्रदेश स्तर पर मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक शिव अरोड़ा रहे। कार्यक्रम में उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रदेश महामंत्री प्रियाग पाण्डेय, प्रदेश सचिव विपिन चंद्रा, प्रदेश उपध्यक्ष के सी भट्ट,जिला अध्यक्ष रमेश चंद्रा, जिला महामंत्री मुमताज अहमद,जिला अध्यक्ष नौनीताल अंकुर शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र तिवारी तथा नगर अध्यक्ष विकास कुमार, नगर अध्यक्ष जसपुर मुनेश चौहान, नगर अध्यक्ष बाजपुर शहज़ाद आलम, नगर अध्यक्ष गदरपुर किसान गुप्ता, नगर अध्यक्ष दिनेशपुर सचिन गुप्ता, नगर अध्यक्ष सितारगंज यामीन अंसारी सहित अनेक पत्रकार एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ सम्मेलन का शुभारंभ
सम्मेलन की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुसार भगवान के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। उपस्थित अतिथियों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया और सम्मेलन के उद्देश्य तथा कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला गया।

सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। समाज की समस्याओं को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने तथा आम जनता की आवाज को प्रमुखता से उठाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में पत्रकारों को अपने कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान मिलना आवश्यक है।

पत्रकारों के उत्पीड़न पर हुई गंभीर चर्चा
सम्मेलन का प्रमुख विषय पत्रकारों के साथ विभिन्न स्तरों पर होने वाला उत्पीड़न रहा। वक्ताओं ने कहा कि कई पत्रकार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करते हैं। समाचार संकलन, घटनाओं की कवरेज और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के दौरान पत्रकारों को अनावश्यक दबाव अथवा बाधाओं का सामना करना पड़ता है।

इस दौरान उपस्थित पत्रकारों ने अपने अनुभव और सुझाव भी साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से नहीं बल्कि संगठित होकर मजबूती के साथ उठाने की आवश्यकता है। संगठन का उद्देश्य पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करना और उनकी उचित समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाना है।

रेल यात्रा पास की सुविधा को लेकर भी उठी आवाज
सम्मेलन में पत्रकारों को पहले मिलने वाली रेल यात्रा पास सुविधा को पूर्व के भांति शुरू करने के लिए चर्चा किए गए वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों को समाचार कवरेज, सामाजिक कार्यक्रमों और विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए लगातार यात्रा करनी पड़ती है।

पत्रकारों के लिए यात्रा सुविधा उनके कार्य को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सम्मेलन में इस विषय को गंभीरता से उठाया गया और संबंधित विभाग तथा सरकार के समक्ष ज्ञापन देकर इस मुद्दे को रखने पर विचार-विमर्श किया गया।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को उचित माध्यम से सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

पत्रकारों को लाइव और वीडियोग्राफी से रोकने के मुद्दे पर चर्चा
सम्मेलन में एक अन्य महत्वपूर्ण विषय विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने वाले ऐसे प्रतिबंधों को लेकर रहा, जहां पत्रकारों को लाइव कवरेज या वीडियोग्राफी करने से रोका जाता है।

वक्ताओं ने कहा कि समाचार कवरेज के दौरान पत्रकारों को कई बार ऐसे बोर्ड अथवा निर्देश देखने को मिलते हैं, जिनमें वीडियो बनाने या लाइव कवरेज करने पर रोक की बात लिखी होती है। इस विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए पत्रकारों ने अपने विचार रखे।

सम्मेलन में इस बात पर विचार किया गया कि पत्रकारों को अपने वैधानिक एवं पेशेवर अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और समाचार कवरेज से जुड़े मामलों में उचित संवाद एवं नियमों के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

संगठन को प्रदेश स्तर पर मजबूत बनाने पर जोर
उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन को प्रदेश स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से संगठन विस्तार पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए केवल जिला स्तर पर ही नहीं बल्कि हर जिले, नगर और कस्बे तक संगठन की इकाइयों का विस्तार किया जाना आवश्यक है।

सम्मेलन में विचार रखा गया कि विभिन्न क्षेत्रों में संगठन की नई इकाइयों का गठन किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर पत्रकारों की समस्याओं को तुरंत सुना और समझा जा सके।

संगठन के विस्तार से पत्रकारों को एक साझा मंच मिलेगा और उनकी समस्याओं को संगठित रूप से जिला तथा प्रदेश स्तर तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

अलग-अलग वक्ताओं ने रखे अपने विचार
सम्मेलन में मौजूद विभिन्न पदाधिकारियों एवं पत्रकारों ने बारी-बारी से अपने विचार रखे। वक्ताओं ने पत्रकारिता के वर्तमान परिवेश, पत्रकारों की चुनौतियों, संगठन की भूमिका और भविष्य की कार्ययोजना पर अपने सुझाव दिए।

सम्मेलन में मुख्य रूप से प्रदेश सदस्य अनुज सक्सेना जिला अध्यक्ष रमेश चंद्रा, जिला महामंत्री मुमताज अहमद, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष काजल राय, जिला जिला संरक्षक मुकेश गुप्ता,चन्दन बंगारी, जिला सचिव अमित तनेजा, जिला संगठन मंत्री महेन्द्र पाल, जिला सचिव विशेष शर्मा, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, नगर अध्यक्ष विकास कुमार, नदीम, दीपक कुमार, हरीश सैनी, विपुल, संदीप पाण्डेय, राधे भैया, गुल सवा, शुभोधुती कुमार मंडल, मुकेश मंडल, धर्मपाल सिंह, दुर्गेश तिवारी, काजल राय, सहित जिले की कार्यकारिणी के अनेक सदस्य एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

सभी वक्ताओं ने संगठन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि पत्रकारों की समस्याओं का समाधान तभी प्रभावी ढंग से संभव है, जब पत्रकार एक मंच पर संगठित होकर अपनी उचित मांगों और समस्याओं को उठाएं।

मुख्य अतिथि विधायक शिव अरोड़ा ने किया संबोधित
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक शिव अरोड़ा ने पत्रकारों और संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान पत्रकारिता की भूमिका और समाज में पत्रकारों के योगदान पर चर्चा की गई।

पत्रकारों ने सम्मेलन के माध्यम से अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को भी रखा। उपस्थित जनप्रतिनिधि एवं संगठन के पदाधिकारियों के बीच पत्रकार हितों से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

पत्रकारों एवं अतिथियों को किया गया सम्मानित
सम्मेलन के दौरान उपस्थित अतिथियों, पदाधिकारियों एवं पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में सभी को डायरी, पेन, स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। इस अवसर पर पत्रकारों के सामाजिक योगदान और उनकी जिम्मेदारियों को भी सराहा गया।

सम्मेलन में बनी आगे की कार्ययोजना
सम्मेलन के दौरान संगठन की भावी रणनीति पर भी चर्चा की गई। प्रमुख रूप से निम्न विषयों को प्राथमिकता देने पर विचार किया गया—

पत्रकारों के उत्पीड़न से जुड़े मामलों को संगठन के माध्यम से उठाना।
पत्रकारों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से संवाद करना।
रेल यात्रा पास की सुविधा को लेकर ज्ञापन देने और उचित स्तर पर मांग रखने की रणनीति बनाना।
समाचार कवरेज के दौरान पत्रकारों के सामने आने वाली बाधाओं और प्रतिबंधों पर चर्चा कर उचित समाधान तलाशना।
हर जिले, नगर एवं कस्बे में संगठन की इकाइयों का विस्तार करना।
पत्रकारों को एक मजबूत और संगठित मंच उपलब्ध कराना।
प्रदेश स्तर पर उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाना।
पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना।
एकजुटता के संदेश के साथ संपन्न हुआ सम्मेलन
सम्मेलन का समापन पत्रकार एकता, संगठन की मजबूती और पत्रकार हितों के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित पत्रकारों और पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा, अधिकार और समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य करना है।

रुद्रपुर के सिटी क्लब में आयोजित यह सम्मेलन पत्रकारों के लिए विचार-विमर्श, संवाद और एकजुटता का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। सम्मेलन में उठाए गए मुद्दों से स्पष्ट हुआ कि संगठन आने वाले समय में पत्रकारों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मजबूत इकाइयां गठित करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करेगा।

उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने पत्रकारों से एकजुट रहने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए सम्मेलन का समापन किया।

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